हारना नहीं

हारना नहीं

 

रुको,

ठहरो,

यूं  बहो।

बात है क्या?

कुछ तो कहो

क्यों हो उदास,

ठगा गया विश्वास,

किंतु तुम तो थे खास

यूँ चुप रहो

क्या हुआ मित्र,

सफलता की इत्र,

धुंधला चित्र

इतनी शीघ्र  हो

जीवन का सार,

खुशी और प्यार,

जीत सम हा

गीता को हो।

कोशिश, प्रयत्, प्रयास,

साथ आत्मविश्वास,

उत्साह, साहस, आस

नाचो! उत्सव अहो!

चुप रहो,

कुछ तो कहो।।

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