याद

याद

मैं अपनी मम्मी को याद नहीं करता
और
पापा को भी नहीं
बहनों को तो बिल्कुल नहीं
और भाई-भाभी बच्चों को भी नहीं

नहीं मैं याद नहीं करता
किसी भी उस व्यक्ति को
जिससे मेरा घनिष्ठ से भी घनिष्ठ सम्बंध है

कहते हैं
जिसको आप
अत्यंत भाव विभोर होकर
करते हैं याद

फिर वो भी
आपको वैसे ही
करता है याद

और

उसका मन भी
आपकी ही तरह
छटपटाता है

अब क्या आप चाहेंगे कि
आपकी माँ
आपके पिताजी
आपकी बहनें
आपके भाई
आपके बच्चे
आपके घनिष्ठ
तड़पें
छटपटाएँ
आँसू बहाएँ
आपकी तरह

नहीं ना
बिल्कुल नहीं

फिर बोलो
मैं क्या ग़लत करता हूँ ? —घनश्याम शर्मा

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